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 स्वयं सहायता समूह: महिला सशक्तिकरण की ओर एक कदम 2025-26

 स्वयं सहायता समूह: महिला सशक्तिकरण की ओर एक कदम

स्वयं सहायता समूह (Self-Help Group – SHG) 10-20 महिलाओं का एक ऐसा समूह है जो अपनी स्वेच्छा से एक साथ आती हैं ताकि वे अपनी छोटी-छोटी बचत को इकट्ठा कर सकें और ज़रूरत पड़ने पर एक-दूसरे को कम ब्याज दर पर कर्ज़ दे सकें। यह सिर्फ़ एक वित्तीय व्यवस्था नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक शक्तिशाली मंच है।

## 1. स्वयं सहायता समूह क्यों महत्वपूर्ण हैं?

*   **आर्थिक आत्मनिर्भरता:** यह महिलाओं को साहूकारों के ऊंचे ब्याज वाले कर्ज़ से बचाता है और उन्हें अपना छोटा-मोटा व्यवसाय (जैसे सिलाई, अचार बनाना, पशुपालन) शुरू करने के लिए पूंजी प्रदान करता है।

*   **बचत की आदत:** यह महिलाओं में नियमित रूप से पैसे बचाने की आदत डालता है।

*   **सामाजिक समर्थन:** यह महिलाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करता है जहाँ वे अपनी समस्याओं पर खुलकर बात कर सकती हैं और एक-दूसरे का समर्थन कर सकती हैं।

*   **कौशल विकास:** समूह के माध्यम से महिलाओं को नए कौशल (जैसे वित्तीय प्रबंधन, व्यवसाय चलाना) सीखने और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

*   **निर्णय लेने की क्षमता:** समूह में भाग लेने से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे घर और समाज के निर्णयों में अधिक सक्रिय रूप से भाग लेने लगती हैं।

## 2. स्वयं सहायता समूह कैसे बनाएं और चलाएं?

1.  **समूह का गठन:** अपने जैसी सोच वाली 10 से 20 महिलाओं को इकट्ठा करें जो एक-दूसरे पर भरोसा करती हों और एक ही सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से हों।

2.  **नियमित बैठकें:** सप्ताह में या 15 दिन में एक बार बैठक करना अनिवार्य है। बैठक में सभी सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित करें।

3.  **नियमित बचत:** बैठक में हर सदस्य एक छोटी, पूर्व-निर्धारित राशि (जैसे ₹20, ₹50, या ₹100) जमा करता है।

4.  **आंतरिक ऋण:** समूह में जमा हुए पैसे से सदस्यों को उनकी ज़रूरतों (जैसे बच्चे की फीस, बीमारी, या व्यवसाय के लिए) के लिए कम ब्याज पर ऋण दिया जाता है। ब्याज दर और चुकौती की शर्तें समूह खुद तय करता है।

5.  **रिकॉर्ड रखना:** सभी लेन-देन (बचत, ऋण, चुकौती) का हिसाब एक रजिस्टर में साफ-साफ लिखा जाना चाहिए।

6.  **बैंक लिंकेज:** 6 महीने तक सफलतापूर्वक समूह चलाने के बाद, आप अपने समूह का एक बैंक खाता खोल सकते हैं और अपनी बचत बैंक में जमा कर सकते हैं। अच्छे रिकॉर्ड के आधार पर, बैंक आपके समूह को उसकी बचत से कई गुना अधिक ऋण प्रदान कर सकता है, जिससे आप बड़े व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

## 3. सफलता के लिए ‘पंचसूत्र’

एक सफल SHG के लिए इन पाँच सिद्धांतों का पालन करना महत्वपूर्ण है:

1.  नियमित साप्ताहिक बैठकें

2.  नियमित साप्ताहिक बचत

3.  नियमित आंतरिक ऋण

4.  नियमित ऋण चुकौती

5.  नियमित रूप से खातों का रखरखाव

> **प्रेरणादायक कहानी:

** “केरल में ‘कुदुम्बश्री’ आंदोलन स्वयं सहायता समूहों की शक्ति का एक शानदार उदाहरण है। यह कुछ महिलाओं द्वारा शुरू किया गया था और आज यह लाखों महिलाओं का एक विशाल नेटवर्क बन गया है जो रेस्तरां चलाने से लेकर, खेती करने और आईटी सेवाएं प्रदान करने तक के विभिन्न व्यवसाय चला रही हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो गई हैं।”

**DIY टास्क:** आज अपने गाँव या मोहल्ले की कुछ महिलाओं से बात करें और एक स्वयं सहायता समूह बनाने के विचार पर चर्चा करें। अपने नजदीकी बैंक या किसी गैर-सरकारी संगठन (NGO) से इस बारे में और जानकारी प्राप्त करें।

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